नोट: यह लेख दारुलमुसन्नेफीन शिबली एकैडमी के पत्र "मआरिफ़" के जून 2017 अंक में (पृष्ठ 454-460) उर्दू में प्रकाश…
Published on Awaam India ऐ के तेरा मुर्ग़-ए-जाँ तार-ए-नफ़स में है असीर ऐ के तेरी रूह का ताइर क़फ़स में है असीर इस च…